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हिटलर के माता पिता की मृत्यु के पश्चात हिटलर का जीवन लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

एक बड़ा लक्ष्य तय करें और उसे हासिल करने के लिए छोटे-छोटे लक्ष्य बनाएं

एक बड़ा लक्ष्य तय करे और उसे हासिल करने के लिए छोटे-छोटे लक्ष्य बनाएं, एक सपना देखो, किसी सपने के लिए प्रयासरत हुए बिना अपने उज्जवल भविष्य की रचना आपके लिए कदाचित संभव न हो। जो कुछ उपलब्धि चाहते हो  सपनों के पीछे पड़ जाना मानव स्वभाव के ताने-बाने में विद्यमान है, क्योंकि आपने अब तक भविष्य के बारे में विचार प्रक्रिया प्रारंभ ही नहीं की है। यदि आप स्वयं को आदर्शविहीन पायें तो अपने खास सपने की खोज करें एवं भविष्य की रचना में जुट जायें। उस सपने को सच बनाने का प्रयास प्रारंभ करना ही आपका अगला कदम है। सर्वप्रथम, यह आवश्यक है कि आपने सपना देख लिया है, किन्तु यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि आप उसे साकार करने में प्रयासरत हों; सुनने में यह बात ठीक लगती है किन्तु वैसा कर पाना आसान भी नहीं है। ऐसे स्वप्नदृष्टा न बनें जिसे केवल सपनों के सच होने का इंतजार रहता है। सपनों का सच होना उस दिशा में किये गये प्रयास के आकार एवं उसके लिए आपके आग्रह का ही परिणाम है।  मैं नहीं चाहता कि कोई भी अपने आदशों के बारे में सपने देखते हुए जीवन-यात्रा करे। अतः लगातार स्वयं से प्रश्न करते रहें "इस सपने को सच क...

हिटलर के माता पिता की मृत्यु के पश्चात हिटलर का जीवन

एडोल्फ हिटलर के माता पिता की मृत्यु के बारे में अगर हमें जानकारी होती है, तो इस किताब के द्वारा होती है, जिस किताब को हिटलर ने स्वयं लिखा था, इस किताब का नाम है, मेरा संघर्ष अर्थात MEIN KAMPF इसमें हिटलर ने अपने बारे में विस्तृत रूप से बताया है, इस किताब को हिटलर ने स्वयं लिखा था।  इसमें बताया गया है, कि हिटलर के पिता की मृत्यु जब हिटलर 13 वर्ष का भी नहीं था, उस समय उसके पिता की मृत्यु हो गई थी, और 2 वर्ष पश्चात् ही उसकी माता की भी मृत्यु हो गई थी, उस समय उसकी उम्र 16 वर्ष से भी कम थी। अगर हिटलर के पिता की बात करें तो हिटलर के पिता एक गरीब और झोपड़ी में रहने वाले के पुत्र थे, उन्होंने बचपन में ही घर छोड़ दिया था, क्योंकि उन्हें कुछ बनना था, तब उनकी उम्र केवल 13 वर्ष की रही होगी, उनके गांव वालों ने हिटलर के पिता को काफी समझाया, लेकिन वे नहीं माने, और किसी नए हुनर को सीखने के लिए वियना चले गए। उन्होंने 17 वर्ष की उम्र में कारीगरी की ट्रेनिंग की परीक्षा पास की, लेकिन वे उस काम से भी संतुष्ट नहीं थे, उन्हें तो एक सरकारी अधिकारी बनना था, उन्होंने इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए काफी ...