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एक बड़ा लक्ष्य तय करें और उसे हासिल करने के लिए छोटे-छोटे लक्ष्य बनाएं

एक बड़ा लक्ष्य तय करे और उसे हासिल करने के लिए छोटे-छोटे लक्ष्य बनाएं, एक सपना देखो, किसी सपने के लिए प्रयासरत हुए बिना अपने उज्जवल भविष्य की रचना आपके लिए कदाचित संभव न हो। जो कुछ उपलब्धि चाहते हो  सपनों के पीछे पड़ जाना मानव स्वभाव के ताने-बाने में विद्यमान है, क्योंकि आपने अब तक भविष्य के बारे में विचार प्रक्रिया प्रारंभ ही नहीं की है। यदि आप स्वयं को आदर्शविहीन पायें तो अपने खास सपने की खोज करें एवं भविष्य की रचना में जुट जायें। उस सपने को सच बनाने का प्रयास प्रारंभ करना ही आपका अगला कदम है। सर्वप्रथम, यह आवश्यक है कि आपने सपना देख लिया है, किन्तु यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि आप उसे साकार करने में प्रयासरत हों; सुनने में यह बात ठीक लगती है किन्तु वैसा कर पाना आसान भी नहीं है। ऐसे स्वप्नदृष्टा न बनें जिसे केवल सपनों के सच होने का इंतजार रहता है। सपनों का सच होना उस दिशा में किये गये प्रयास के आकार एवं उसके लिए आपके आग्रह का ही परिणाम है।  मैं नहीं चाहता कि कोई भी अपने आदशों के बारे में सपने देखते हुए जीवन-यात्रा करे। अतः लगातार स्वयं से प्रश्न करते रहें "इस सपने को सच क...

हिटलर की आत्मकथा मेरा संघर्ष "माइन काम्फ" के प्रथम व द्वितीय खंड को हिटलर ने कब लिखा

हिटलर की आत्मकथा मेरा संघर्ष "माइन काम्फ" में अनेक संदर्भ मिलते हैं, जिनसे राजनीति के स्वरूप, राजनीतिज्ञों के आचरण, संसद की भूमिका, शिक्षा के महत्व, श्रमिकों एवं साधारण जनमानस की मानसिकता, नौकरशाही, भाग्य एवं प्रकृति, मानवीय मूल्यों और सबसे बढ़कर राष्ट्रीय भावना की महानता आदि का बोध होता है।  हिटलर ने अपनी इस रचना में वेश्यावृत्ति की कटु आलोचना की है, उन्होंने लिखा है कि भिन्न जाति के पिता द्वारा भिन्न जाति की स्त्री से उत्पन्न की जाने वाली संतान को राष्ट्र के लिए घातक बताया है, उन्होंने भगवान और भाग्य के अस्तित्व को स्वीकार किया है। संसद में चहकते सदस्यों की खोखली दलीलों का पर्दा फाश किया है, सत्ता में बने रहने के लिए राजनीतिक दलों द्वारा किए जाने वाले गठबंधनो, राष्ट्रहितों की अवहेलना के रूपों, निजी स्वार्थों को राष्ट्र सेवा का नाम देने की धूर्तताओं और लोक सेवा के नाम पर अपने परिवारों के पोषण के कुचक्रों का भंडाफोड़ किया है। अडोल्फ हिटलर द्वारा लिखित इस पुस्तक का सही मूल्यांकन तभी किया जा सकता है, जब पाठक को उस समय जर्मनी में घट रहे ऐतिहासिक तथ्यों की सही जानकारी हो, इस जानक...