सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

नकारात्मक विचार को सकारात्मक विचार में कैसे बदलें लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

एक बड़ा लक्ष्य तय करें और उसे हासिल करने के लिए छोटे-छोटे लक्ष्य बनाएं

एक बड़ा लक्ष्य तय करे और उसे हासिल करने के लिए छोटे-छोटे लक्ष्य बनाएं, एक सपना देखो, किसी सपने के लिए प्रयासरत हुए बिना अपने उज्जवल भविष्य की रचना आपके लिए कदाचित संभव न हो। जो कुछ उपलब्धि चाहते हो  सपनों के पीछे पड़ जाना मानव स्वभाव के ताने-बाने में विद्यमान है, क्योंकि आपने अब तक भविष्य के बारे में विचार प्रक्रिया प्रारंभ ही नहीं की है। यदि आप स्वयं को आदर्शविहीन पायें तो अपने खास सपने की खोज करें एवं भविष्य की रचना में जुट जायें। उस सपने को सच बनाने का प्रयास प्रारंभ करना ही आपका अगला कदम है। सर्वप्रथम, यह आवश्यक है कि आपने सपना देख लिया है, किन्तु यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि आप उसे साकार करने में प्रयासरत हों; सुनने में यह बात ठीक लगती है किन्तु वैसा कर पाना आसान भी नहीं है। ऐसे स्वप्नदृष्टा न बनें जिसे केवल सपनों के सच होने का इंतजार रहता है। सपनों का सच होना उस दिशा में किये गये प्रयास के आकार एवं उसके लिए आपके आग्रह का ही परिणाम है।  मैं नहीं चाहता कि कोई भी अपने आदशों के बारे में सपने देखते हुए जीवन-यात्रा करे। अतः लगातार स्वयं से प्रश्न करते रहें "इस सपने को सच क...

नकारात्मक विचार को सकारात्मक विचार में कैसे बदलें

नकारात्मक विचार और व्यवहार का आधार ही गलत होता है, कई बार तो किसी विषय पर नकारात्मक विचार या किसी व्यक्ति के बारे में गलत व्यवहार किसी एक नई जानकारी के बाद ही बदल जाता है, आपको एकाएक यह पता चलता है कि आपकी अपने या किसी व्यक्ति के बारे में सोच गलत थी, परिणामस्वरूप एक पल में ही आप अपनी सोच को बदल सकते हैं।  नकारात्मक भावनाएं केवल इसलिए जिंदा रहती है, क्योंकि हम ही उनको जिंदगी देकर बाद में जिंदा भी रखते हैं, लगातार खुद को नाराज करने वाली या नापसंद बातें करके हम उनको जिंदा रखते हैं, आप भावनाओं के नियम को लागू करके इस स्थिति को बदल सकते हैं।  यह नियम कहता है कि "एक सशक्त भावना हमेशा एक कमजोर भावना पर हावी रहेगी, और जिस किसी भी भावना पर आप ज्यादा जोर देंगे, वो उतनी ही मजबूत होती जाएगी।" इसका मतलब है कि आप जिस किसी भावना पर जोर देंगे, वह बढ़ती जाएगी, और एक दिन उस क्षेत्र में आपकी सोच पर पूरी तरह से हावी हो जाएगी, अगर आप, खुद को नाराज या दु:खी कर देने वाले व्यक्ति या परिस्थिति पर मानसिक ऊर्जा खर्च करना बंद कर देते है, और उसके बारे में सोचने तक से परहेज करने लगते हैं, तो उस परिस्थिति ...