सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

जीवन परिवर्तनशील है आप उससे कितना सीखते हैं लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

एक बड़ा लक्ष्य तय करें और उसे हासिल करने के लिए छोटे-छोटे लक्ष्य बनाएं

एक बड़ा लक्ष्य तय करे और उसे हासिल करने के लिए छोटे-छोटे लक्ष्य बनाएं, एक सपना देखो, किसी सपने के लिए प्रयासरत हुए बिना अपने उज्जवल भविष्य की रचना आपके लिए कदाचित संभव न हो। जो कुछ उपलब्धि चाहते हो  सपनों के पीछे पड़ जाना मानव स्वभाव के ताने-बाने में विद्यमान है, क्योंकि आपने अब तक भविष्य के बारे में विचार प्रक्रिया प्रारंभ ही नहीं की है। यदि आप स्वयं को आदर्शविहीन पायें तो अपने खास सपने की खोज करें एवं भविष्य की रचना में जुट जायें। उस सपने को सच बनाने का प्रयास प्रारंभ करना ही आपका अगला कदम है। सर्वप्रथम, यह आवश्यक है कि आपने सपना देख लिया है, किन्तु यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि आप उसे साकार करने में प्रयासरत हों; सुनने में यह बात ठीक लगती है किन्तु वैसा कर पाना आसान भी नहीं है। ऐसे स्वप्नदृष्टा न बनें जिसे केवल सपनों के सच होने का इंतजार रहता है। सपनों का सच होना उस दिशा में किये गये प्रयास के आकार एवं उसके लिए आपके आग्रह का ही परिणाम है।  मैं नहीं चाहता कि कोई भी अपने आदशों के बारे में सपने देखते हुए जीवन-यात्रा करे। अतः लगातार स्वयं से प्रश्न करते रहें "इस सपने को सच क...

जीवन परिवर्तनशील है आप उससे कितना सीखते हैं

आप कितने लोगों के साथ रहते हैं कितने लोगों से मिलते है उसका कोई मायना नहीं है मायना इस चीज का है कि आप उन लोगों से कितना सीखते है अगर आप के चारों ओर कुछ नया करने वाले लोग रहते हैं तो आपमें भी कुछ नया करने की जिज्ञासा जागृत हो सकती है अगर आपमें कुछ सीखने की और कुछ करने की चेष्टा है तो, अन्यथा आप कोरे कागज की तरह ही रह जाएंगे जैसे कोरे कागज की तरह आए थे वैसे ही कोरे कागज की तरह चले जाएंगे। हर व्यक्ति का दिमाग उसके आसपास के आवरण द्वारा ग्रसित होता है आवरण कैसा है उसी के अनुकूल उसका दिमाग कार्य करता है जैसा आप के आसपास का वातावरण होगा उसी के अनुरूप आपकी सोच उत्पन्न होगी आपके विचारों में फेरबदल होगा आधार भी वही होगा जो वहां का वातावरण निर्धारित करता है आप पर उस वातावरण का कितना प्रभाव है यह आप पर निर्भर करता है। व्यक्ति के विचार ना तो 1 दिन में बनते हैं और ना ही 1 दिन में नष्ट होते हैं यह विचार लंबी अवधि जिसमें वह व्यक्ति रहता है उस समय अवधि के दौरान ही उत्पन्न होते हैं और नष्ट होते रहते हैं कुछ विचार आपके जीवन में स्थाई रह जाते हैं जिनका प्रभाव आप पर होता है।  विचार कभी स्थाई नहीं रहते...