एक बड़ा लक्ष्य तय करे और उसे हासिल करने के लिए छोटे-छोटे लक्ष्य बनाएं, एक सपना देखो, किसी सपने के लिए प्रयासरत हुए बिना अपने उज्जवल भविष्य की रचना आपके लिए कदाचित संभव न हो। जो कुछ उपलब्धि चाहते हो सपनों के पीछे पड़ जाना मानव स्वभाव के ताने-बाने में विद्यमान है, क्योंकि आपने अब तक भविष्य के बारे में विचार प्रक्रिया प्रारंभ ही नहीं की है। यदि आप स्वयं को आदर्शविहीन पायें तो अपने खास सपने की खोज करें एवं भविष्य की रचना में जुट जायें। उस सपने को सच बनाने का प्रयास प्रारंभ करना ही आपका अगला कदम है। सर्वप्रथम, यह आवश्यक है कि आपने सपना देख लिया है, किन्तु यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि आप उसे साकार करने में प्रयासरत हों; सुनने में यह बात ठीक लगती है किन्तु वैसा कर पाना आसान भी नहीं है। ऐसे स्वप्नदृष्टा न बनें जिसे केवल सपनों के सच होने का इंतजार रहता है। सपनों का सच होना उस दिशा में किये गये प्रयास के आकार एवं उसके लिए आपके आग्रह का ही परिणाम है। मैं नहीं चाहता कि कोई भी अपने आदशों के बारे में सपने देखते हुए जीवन-यात्रा करे। अतः लगातार स्वयं से प्रश्न करते रहें "इस सपने को सच क...
अगर आप दौलतमंद बनना चाहते हैं, तो खर्च की पड़ताल करें, हर दिन तीन से पांच या दस डॉलर बचाने का लक्ष्य तय करें, इस पैसे को एक बचत खाते में अलग रख दें, और इसे कभी न छुएं, जब बचत की रकम बढ़ जाए, तो इसका निवेश किसी अच्छे म्यूचुअल फंड या इंडेक्स फंड में कर दें, बचत तथा निवेश की दैनिक, साप्ताहिक और मासिक आदत डाल लें, और उसे जिंदगी भर कायम रखें। कुछ ही समय में आप वर्तमान से थोड़े कम खर्च में भी आरामदेह जिंदगी जी रहे होंगे, जब भी आपकी आमदनी बढ़े, बचत की राशि को भी बढ़ा लें, कुछ हफ्तों, महीनों या वर्षों में आप कर्ज से बाहर निकल जाएंगे, और आपके पास बहुत सारा पैसा होगा, जो आपके लिए काम कर रहा होगा, कुछ साल बाद आप आर्थिक दृष्टि से स्वतंत्र बन जाएंगे। अगर आप हर शाम को टीवी देखने की बजाय पंद्रह मिनट पढ़े, तो आप हर साल पंद्रह पुस्तकें पढ़ लेंगे, अगर आप हर दिन पंद्रह मिनट अंग्रेजी साहित्य के महान उपन्यास पढ़ते हैं, तो सात सालों में आप सौ बेहतरीन पुस्तकें पढ़ चुके होंगे, आप अपनी पीढ़ी के सबसे अच्छे शिक्षित और ज्ञानी व्यक्तियों में से एक बन जाएंगे और यह काम आप हर रात सिर्फ पंद्रह मिनट पर पढ़कर ही कर...