एक बड़ा लक्ष्य तय करे और उसे हासिल करने के लिए छोटे-छोटे लक्ष्य बनाएं, एक सपना देखो, किसी सपने के लिए प्रयासरत हुए बिना अपने उज्जवल भविष्य की रचना आपके लिए कदाचित संभव न हो। जो कुछ उपलब्धि चाहते हो सपनों के पीछे पड़ जाना मानव स्वभाव के ताने-बाने में विद्यमान है, क्योंकि आपने अब तक भविष्य के बारे में विचार प्रक्रिया प्रारंभ ही नहीं की है। यदि आप स्वयं को आदर्शविहीन पायें तो अपने खास सपने की खोज करें एवं भविष्य की रचना में जुट जायें। उस सपने को सच बनाने का प्रयास प्रारंभ करना ही आपका अगला कदम है। सर्वप्रथम, यह आवश्यक है कि आपने सपना देख लिया है, किन्तु यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि आप उसे साकार करने में प्रयासरत हों; सुनने में यह बात ठीक लगती है किन्तु वैसा कर पाना आसान भी नहीं है। ऐसे स्वप्नदृष्टा न बनें जिसे केवल सपनों के सच होने का इंतजार रहता है। सपनों का सच होना उस दिशा में किये गये प्रयास के आकार एवं उसके लिए आपके आग्रह का ही परिणाम है। मैं नहीं चाहता कि कोई भी अपने आदशों के बारे में सपने देखते हुए जीवन-यात्रा करे। अतः लगातार स्वयं से प्रश्न करते रहें "इस सपने को सच क...
लक्ष्य केंद्रित हुनर एक ऐसा हुनर है जिसे आप साइबरनेटिक मैकेनिज्म कह सकते हैं जो अविश्वसनीय है आप एक पत्रवाहक कबूतर को उसके बसेरे से बाहर निकाल कर एक पिंजरे में रखते हैं और उस पिज़रे पर कंबल ढक कर एक बक्से में पैक कर देते हैं और फिर उस बक्से को एक बंद ट्रक में रख देते हैं,आप किसी भी दिशा में हजार मिल दूर चले जाए और उसके बाद अपना ट्रक खोलें बक्सा बाहर निकाले, कंबल हटाए और कबूतर को पिंजरे से बाहर निकाल दें, वह फौरन हवा में उड़ जाएगा, तीन चक्कर लगाएगा और फिर बिना किसी गलती के एक हजार मील दूर स्थित अपने बसेरे की तरफ चल देगा, दुनिया के किसी भी अन्य प्राणी के पास यह अविश्वसनीय साइबरनेटिक, लक्ष्य केंद्रित हुनर नहीं होता है सिवाय इंसान के। आपमें भी लक्ष्य हासिल करने की वही योग्यता है जो पत्रवाहक कबूतर में है दरअसल आपमें एक और अद्भुत चीज है जब आपका लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट होता है तो आपको यह पता करने की भी जरूरत नहीं है कि यह कहां है या इसे कैसे हासिल करना है। प्रकृति आपके लक्ष्य के आकार के बारे में परवाह नहीं करती अगर आप छोटे लक्ष्य तय करते हैं तो आपका स्वचालित लक्ष्य प्राप्ति तंत्र आपको छोटे...