एक बड़ा लक्ष्य तय करे और उसे हासिल करने के लिए छोटे-छोटे लक्ष्य बनाएं, एक सपना देखो, किसी सपने के लिए प्रयासरत हुए बिना अपने उज्जवल भविष्य की रचना आपके लिए कदाचित संभव न हो। जो कुछ उपलब्धि चाहते हो सपनों के पीछे पड़ जाना मानव स्वभाव के ताने-बाने में विद्यमान है, क्योंकि आपने अब तक भविष्य के बारे में विचार प्रक्रिया प्रारंभ ही नहीं की है। यदि आप स्वयं को आदर्शविहीन पायें तो अपने खास सपने की खोज करें एवं भविष्य की रचना में जुट जायें। उस सपने को सच बनाने का प्रयास प्रारंभ करना ही आपका अगला कदम है। सर्वप्रथम, यह आवश्यक है कि आपने सपना देख लिया है, किन्तु यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि आप उसे साकार करने में प्रयासरत हों; सुनने में यह बात ठीक लगती है किन्तु वैसा कर पाना आसान भी नहीं है। ऐसे स्वप्नदृष्टा न बनें जिसे केवल सपनों के सच होने का इंतजार रहता है। सपनों का सच होना उस दिशा में किये गये प्रयास के आकार एवं उसके लिए आपके आग्रह का ही परिणाम है। मैं नहीं चाहता कि कोई भी अपने आदशों के बारे में सपने देखते हुए जीवन-यात्रा करे। अतः लगातार स्वयं से प्रश्न करते रहें "इस सपने को सच क...
आपका दिमाग एक ऐसा कंप्यूटर है, जो किसी भी लक्ष्य या सवाल की प्रोग्रामिंग कर सकता है, और यह आपको ठीक समय पर सही जवाब दे सकता हैं, और हर जवाब सही साबित होगा, सच तो यह है कि आपके पास एक ऐसा कंप्यूटर मौजूद हैं, जो हर समय आपके लिए उपलब्ध हैं, इसे अतिचेतन मस्तिष्क कह सकते हैं, यह इतिहास में खोजी गई सबसे प्रबल शक्ति हैं, और आप जब चाहे इसका उपयोग कर सकते हैं। मैंने यह बार-बार दोहराया है कि आप वही बन जाते हैं, जिसके बारे में आप ज्यादातर समय सोचते हैं, और जिसे भी आप लगातार अपने दिमाग में रखते हैं, उसे आप पा सकते हैं। अतिचेतन मस्तिष्क संबंधी ज्ञान योगियों और गूढ़ विद्याओं के ज्ञाताओं तक ही सीमित रहा, सामान्य व्यक्ति इसे नहीं पा सकते थे, और इसे सिर्फ प्राचीन विश्व के रहस्यवादी संप्रदायों में कई बरसों के निष्ठापूर्ण अध्ययन के बाद ही सिखाया जाता था, पिछले सौ सालों में ही अतिचेतन मस्तिष्क संबंधी ज्ञान आम हुआ है, लेकिन इसके बावजूद यह सिर्फ कुछ लोगों तक ही सीमित रहा है। साइकोथेरेपी के संस्थापक सिग्मंड फ्रॉयड ने 1895 में तीन मस्तिष्को, ईगो, इड और सुपरईगो के बारे में लिखा, और उनका ज्यादा...