एक बड़ा लक्ष्य तय करे और उसे हासिल करने के लिए छोटे-छोटे लक्ष्य बनाएं, एक सपना देखो, किसी सपने के लिए प्रयासरत हुए बिना अपने उज्जवल भविष्य की रचना आपके लिए कदाचित संभव न हो। जो कुछ उपलब्धि चाहते हो सपनों के पीछे पड़ जाना मानव स्वभाव के ताने-बाने में विद्यमान है, क्योंकि आपने अब तक भविष्य के बारे में विचार प्रक्रिया प्रारंभ ही नहीं की है। यदि आप स्वयं को आदर्शविहीन पायें तो अपने खास सपने की खोज करें एवं भविष्य की रचना में जुट जायें। उस सपने को सच बनाने का प्रयास प्रारंभ करना ही आपका अगला कदम है। सर्वप्रथम, यह आवश्यक है कि आपने सपना देख लिया है, किन्तु यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि आप उसे साकार करने में प्रयासरत हों; सुनने में यह बात ठीक लगती है किन्तु वैसा कर पाना आसान भी नहीं है। ऐसे स्वप्नदृष्टा न बनें जिसे केवल सपनों के सच होने का इंतजार रहता है। सपनों का सच होना उस दिशा में किये गये प्रयास के आकार एवं उसके लिए आपके आग्रह का ही परिणाम है। मैं नहीं चाहता कि कोई भी अपने आदशों के बारे में सपने देखते हुए जीवन-यात्रा करे। अतः लगातार स्वयं से प्रश्न करते रहें "इस सपने को सच क...
हर उस चीज की सूची बनाए, जो आप बनना, पाना या करना चाहते हैं, आप कागज पर कम से कम 100 लक्ष्यों की सूची बनाएं, जिन्हें आप अपने जीवन काल में हासिल करना चाहते हैं, जिन लक्ष्यों की आपने सूची बनायी हैं उन्हें हासिल करने के लिए आवश्यक समय, पैसा, दोस्त, योग्यताएं और संसाधन आपके पास मौजूद हैं ऐसी कल्पना करनी है आपको।
हम परिवर्तन से घबराते हैं, इसी बुनियादी वजह से हम उन स्थितियों में बने रहते हैं, जो हमारे लिए सर्वश्रेष्ठ नहीं है, आप हमेशा से क्या करना चाहते थे, लेकिन उसकी कोशिश करने से घबराते हैं।
अपने जीवन के लक्ष्य तय करते वक्त आपको स्वयं से पूछना चाहिए कि मुझे अपने जीवन के हर क्षेत्र में किस काम को करने में ज्यादा मजा आता है, आप अपनी दुनिया में किस तरह का फर्क लाना चाहेंगे, क्योंकि ज्यादातर लोग अपने आर्थिक लक्ष्यों के बारे में बड़े दुविधाग्रस्त होते हैं।
जब आपकी मनचाही चीजें एकदम स्पष्ट होती हैं, तो फिर आप ज्यादा समय अपने लक्ष्यों के बारे में सोच सकते हैं, आप उनके बारे में जितना ज्यादा सोचते हैं, वे साकार होकर आपकी जिंदगी में उतनी ही तेजी से आती है।
जिंग जिंग्लर ने कहा था "आप भटकते हुए आम आदमी से सार्थक खास आदमी में बदल जाते हैं।"
पीटर ड्रकर ने कहा था "जब भी आप कोई पूरा काम देखते हैं तो उसके पीछे आपको मिशन पर काम करने वाला एक एकाग्रसित व्यक्ति मिलेगा।"
निश्चित उद्देश्य आपके अवचेतन को सक्रिय करता है, जब आपके विचार, योजना या लक्ष्य चेतन मन में स्पष्ट होते हैं, तो आपका अवचेतन मन उसे हकीकत में बदलने का प्रयास करता है।
आपका लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए जैसे कि "मैं ढेर सारा पैसा कमाना चाहता हूं" कहने की बजाय यह कहना ज्यादा बेहतर होगा कि "मैं अमुक तारीख तक सालाना एक लाख डॉलर कमाना चाहता हूं" आपका लक्ष्य इतना ज्यादा बड़ा या मूर्खतापूर्ण नहीं होना चाहिए, जिसे आप हासिल नहीं कर सकते, आपका लक्ष्य सामंजस्यपूर्ण होना चाहिए।
उन 100 लक्ष्यों की सूची में से एक कागज पर 10 लक्ष्यों की सूची बनाएं, इस सूची में से वह कौन सा एक लक्ष्य है जिसे हासिल करने से आपकी जिंदगी पर सबसे ज्यादा सकारात्मक असर होगा, सबसे पहले उसे हासिल करने में लग जाएं, जब वह हासिल हो जाएगा, तब वह लक्ष्य अन्य लक्ष्यों को हासिल करने में आपकी मदद कर सकता है।
आप जिस चीज पर दृढ़ता से विश्वास करते हैं, वह आपकी वास्तविकता बन जाती हैं, प्रोवर्ब 23:7 में कहा गया है "जैसा इंसान अपने दिल में सोचता है वैसा ही वह होता है।"
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
जब आप अपनी सोच को बदलते हैं तो आप अपनी जिंदगी को भी बदल देते हैं।