एक बड़ा लक्ष्य तय करे और उसे हासिल करने के लिए छोटे-छोटे लक्ष्य बनाएं, एक सपना देखो, किसी सपने के लिए प्रयासरत हुए बिना अपने उज्जवल भविष्य की रचना आपके लिए कदाचित संभव न हो। जो कुछ उपलब्धि चाहते हो सपनों के पीछे पड़ जाना मानव स्वभाव के ताने-बाने में विद्यमान है, क्योंकि आपने अब तक भविष्य के बारे में विचार प्रक्रिया प्रारंभ ही नहीं की है। यदि आप स्वयं को आदर्शविहीन पायें तो अपने खास सपने की खोज करें एवं भविष्य की रचना में जुट जायें। उस सपने को सच बनाने का प्रयास प्रारंभ करना ही आपका अगला कदम है। सर्वप्रथम, यह आवश्यक है कि आपने सपना देख लिया है, किन्तु यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि आप उसे साकार करने में प्रयासरत हों; सुनने में यह बात ठीक लगती है किन्तु वैसा कर पाना आसान भी नहीं है। ऐसे स्वप्नदृष्टा न बनें जिसे केवल सपनों के सच होने का इंतजार रहता है। सपनों का सच होना उस दिशा में किये गये प्रयास के आकार एवं उसके लिए आपके आग्रह का ही परिणाम है। मैं नहीं चाहता कि कोई भी अपने आदशों के बारे में सपने देखते हुए जीवन-यात्रा करे। अतः लगातार स्वयं से प्रश्न करते रहें "इस सपने को सच क...
एप्पल व पिक्सर के संस्थापक स्टीव जॉब्स ने व्यक्तिगत कंप्यूटर अर्थात पीसी का आविष्कार किया था, उन्होंने आईपॉड नामक ऐसे संगीत वादक अर्थात म्यूजिक प्लेयर की रचना की थी, जिसने विश्व संगीत उद्योग को हमेशा के लिए बदल कर रख दिया, और आईपॉड ने आईफोन के विकास का रास्ता साफ कर दिया।
स्टीव जॉब्स ने आईफोन में मोबाइल फोन व कंप्यूटर की विशेषताओं को समाहित कर सूचना प्रौद्योगिकी की संपूर्ण शक्तियों को जनसाधारण की मुट्ठी में लाकर रख दिया, एप्पल में दोबारा वापस आने से पहले स्टीव जॉब्स ने पिक्सर एनीमेशन स्टूडियो के साथ कंप्यूटर एनिमेशन क्षेत्र में प्रवेश किया था और टॉय स्टोरी जैसी उच्च गुणवत्ता की जीवन चरित्र एनिमेटेड पिक्चर फिल्म की रचना की थी।
उद्योग जगत की महारथी द वाल्ट डिजनी कंपनी ने पिक्सर को 7.4 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर खरीदा था, स्टीव जॉब्स के जीवन का अंतिम नवाचार टेबलेट कंप्यूटर आईपेड था, जिसके माध्यम से उसने बहुत हद तक व्यक्तिगत कंप्यूटर की आवश्यकता को ही खत्म कर दिया, वास्तव में स्टीव जॉब्स आईपैड के रूप में एक ऐसे उपकरण की रचना करना चाहता था, जो विश्व की सभी प्रकार की जानकारियों के साथ अपने छोटे से पर्दे पर मस्तिष्क की प्रोसेसिंग पावर का विस्तार कर सकें।
प्रौद्योगिकी उद्योग में स्टीव जॉब्स एक ऐसा व्यक्ति था, जो अपने ही उत्पादों की हत्या करने में तनिक भी नहीं डरता था, स्टीव जॉब्स की करिश्माई नेतृत्व व निगरानी में एप्पल इतिहास के सबसे अधिक सफल कंपनियों में से गिना जाने लगा था।
स्टीव जॉब्स वर्तमान की बजाय भविष्य की आवश्यकताओं व चुनौतियों पर अपना ध्यान केंद्रित कर पाने में सक्षम व सफल था, आध्यात्मिक तीव्रता ने स्टीव जॉब्स को बिल्कुल नई प्रकार की ऐसी चीजों की कल्पना करने के लिए बनाया था, जो दूसरे लोग नहीं देख सकते थे, जब स्टीव जॉब्स किसी नए उत्पाद का शुभारंभ करता था, तो प्रौद्योगिकी समीक्षक सारी सीमाएं तोड़ कर उसकी प्रशंसा करते हुए नहीं थकते थे, और उसे सबसे पहले हासिल करने के लिए एप्पल स्टोर्स के सामने रात में उपभोक्ताओं की लंबी लंबी कतारें लगती थी, यह सब स्टीव जॉब्स का ही जादू था, जिसकी और लोग खींचे चले आते थे।
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