एक बड़ा लक्ष्य तय करे और उसे हासिल करने के लिए छोटे-छोटे लक्ष्य बनाएं, एक सपना देखो, किसी सपने के लिए प्रयासरत हुए बिना अपने उज्जवल भविष्य की रचना आपके लिए कदाचित संभव न हो। जो कुछ उपलब्धि चाहते हो सपनों के पीछे पड़ जाना मानव स्वभाव के ताने-बाने में विद्यमान है, क्योंकि आपने अब तक भविष्य के बारे में विचार प्रक्रिया प्रारंभ ही नहीं की है। यदि आप स्वयं को आदर्शविहीन पायें तो अपने खास सपने की खोज करें एवं भविष्य की रचना में जुट जायें। उस सपने को सच बनाने का प्रयास प्रारंभ करना ही आपका अगला कदम है। सर्वप्रथम, यह आवश्यक है कि आपने सपना देख लिया है, किन्तु यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि आप उसे साकार करने में प्रयासरत हों; सुनने में यह बात ठीक लगती है किन्तु वैसा कर पाना आसान भी नहीं है। ऐसे स्वप्नदृष्टा न बनें जिसे केवल सपनों के सच होने का इंतजार रहता है। सपनों का सच होना उस दिशा में किये गये प्रयास के आकार एवं उसके लिए आपके आग्रह का ही परिणाम है। मैं नहीं चाहता कि कोई भी अपने आदशों के बारे में सपने देखते हुए जीवन-यात्रा करे। अतः लगातार स्वयं से प्रश्न करते रहें "इस सपने को सच क...
मानव जीवन एक परिवर्तनशील जीवन है, इस जीवन में कितने ही उतार-चढ़ाव आते हैं, और आकर चले जाते हैं, लेकिन मानव जीवन परिवर्तित होता रहता है, और जीवन का दूसरा नाम ही परिवर्तन है, जिस व्यक्ति के जीवन में परिवर्तन नहीं है, तो आप कह सकते हैं, कि ऐसा व्यक्ति जीवन में स्थायित्व को धारण किए हुए हैं, जिसे वह व्यक्ति बदलना नहीं चाहता।
आप जीवन में कितना हासिल कर सकते हैं, यह सिर्फ आप पर निर्भर करता है, आप जीवन में अपने आपको कितना काबिल समझते हैं, इस वास्तविकता की सीमा केवल आपमें है, और आप ही उसे तय कर सकते हैं कोई और नहीं।
रॉबर्ट कोलियर :
दुनिया में ऐसा कुछ भी नहीं है, जो आप हासिल नहीं कर सकते, बस एक बार मन में यह ठानने की देर है, कि इसे हासिल कर सकते हैं।
कुछ ऐसे सिद्धांतों का पता चला है, जो सदियों से महान सफलताओं और उपलब्धियों के कारण रहे हैं, ऐसे कारण जो व्यक्ति के जीवन को बदलने के लिए आवश्यक है, आशावाद और संभावनाओं के इन विचारों को पहली बार जब सुना गया, तो उनकी सोच बदल गई, ऐसी सोच जो मानसिक और आध्यात्मिक सिद्धांतों पर बात की जाए, तो शायद सबसे महत्वपूर्ण होगी कि "आप वही बन जाते हैं जिसके बारे में आप ज्यादातर वक्त सोचते हैं" आपके जीवन की बाहरी दुनिया दरअसल आपके भीतर की दुनिया का ही प्रतिबिंब है, आपका बाहरी व्यवहार वही बात बताता है, जो कुछ आपके भीतर चल रहा होता है, आप किसी भी व्यक्ति के भीतर की स्थिति को जानने के लिए उसके बाहरी जिंदगी के आवरण को जानकर आप बता कर सकते हैं, कि उसके भीतर क्या चल रहा है, भीतरी आवरण और बाहरी आवरण में ज्यादा फर्क नहीं होगा।
आपके जीवन में आपकी सोच ही आपको विजेता या पराजित बना सकती है, सम्पन्न या गरीब बना सकती है, सम्मानजनक या उपेक्षित बना सकती है, आपकी सोच और उसके कारण आपके द्वारा उठाए गए हर कदम आपकी पूरी जिंदगी की दशा और दिशा को तय करते हैं, सबसे बड़ी बात यह है, कि आपके विचार पूरी तरह से आपके नियंत्रण में होते हैं।
व्यक्ति के विचार हर पल बदलते रहते हैं, बदलने का मुख्य कारण, आपका जीवन विचारों, भावनाओं, व्यवहार, ख्वाहिशों, छवियों, भय, उम्मीदों, संदेहों, फैसलों और महत्वाकांक्षाओं का एक जटिल मिश्रण है, और आपके विचार, छवियों और चित्रों का एक पुलिंदा हैं, जो उनसे जुड़ी भावनाओं को जन्म देता है, यह भावनाऐ, आपके बर्ताव और काम के तौर तरीके पर सामने आती है, और आपकी प्रतिक्रिया और परिणाम ही तय करते हैं, कि आपके साथ क्या होगा, जब आप कामयाबी और आत्मविश्वास के बारे में सोचते हैं, तो आप ज्यादा सशक्त और प्रतिस्पर्धी महसूस करते हैं, और आप जो कुछ भी प्रदर्शन करते हैं आप उसमें बेहतर होते हैं।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
जब आप अपनी सोच को बदलते हैं तो आप अपनी जिंदगी को भी बदल देते हैं।