एक बड़ा लक्ष्य तय करे और उसे हासिल करने के लिए छोटे-छोटे लक्ष्य बनाएं, एक सपना देखो, किसी सपने के लिए प्रयासरत हुए बिना अपने उज्जवल भविष्य की रचना आपके लिए कदाचित संभव न हो। जो कुछ उपलब्धि चाहते हो सपनों के पीछे पड़ जाना मानव स्वभाव के ताने-बाने में विद्यमान है, क्योंकि आपने अब तक भविष्य के बारे में विचार प्रक्रिया प्रारंभ ही नहीं की है। यदि आप स्वयं को आदर्शविहीन पायें तो अपने खास सपने की खोज करें एवं भविष्य की रचना में जुट जायें। उस सपने को सच बनाने का प्रयास प्रारंभ करना ही आपका अगला कदम है। सर्वप्रथम, यह आवश्यक है कि आपने सपना देख लिया है, किन्तु यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि आप उसे साकार करने में प्रयासरत हों; सुनने में यह बात ठीक लगती है किन्तु वैसा कर पाना आसान भी नहीं है। ऐसे स्वप्नदृष्टा न बनें जिसे केवल सपनों के सच होने का इंतजार रहता है। सपनों का सच होना उस दिशा में किये गये प्रयास के आकार एवं उसके लिए आपके आग्रह का ही परिणाम है। मैं नहीं चाहता कि कोई भी अपने आदशों के बारे में सपने देखते हुए जीवन-यात्रा करे। अतः लगातार स्वयं से प्रश्न करते रहें "इस सपने को सच क...
समय का इतिहास इतना परिवर्तनशील है कि स्टीफन हॉकिंग्स ने जो कहा था वह काफी हद तक सही हैं जिसका प्रमाण आने वाले समय में किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा खोजा जाएगा जिन्होंने ब्रह्मांड को एक परिधि में नाप लिया है ऐसे व्यक्ति जो स्टीफन हॉकिंग व निकोला टेस्ला के बाद सबसे अधिक प्रयोग करने वाले अवचेतन मस्तिष्क के धनी होंगे।
जिन्होंने अभी कुछ ही सालों में इस ब्रह्मांड को नापने का इतिहास रचा है और आने वाले समय में उनकी पहुंच एलियन के तारामंडल तक होगी जिसके बारे में मानव जाति ने आज तक सोचा भी न होगा।
एलियन का इतिहास इस धरती पर न तो नया है न पुराना जब से इस पृथ्वी पर मानव जीवन का अंश का निर्माण हुआ है तभी से एलियन का मानव जीवन से संबंध रहा है मानव का उसके बारे में सोच का दायरा विपरीत हो सकता है इसका मुख्य कारण है अवचेतन मस्तिष्क का बहुत ही सूक्ष्म अवस्था में होना।
जबकि एलियन का सोच का दायरा काफी विकसित है क्योंकि वह अपनी मानव जाति का निर्माता ही नहीं बल्कि पूरे ब्रह्मांड का निर्माता है।
उन्होंने ही इस ब्रह्मांड का निर्माण किया है ब्रह्मांड का निर्माण करने का मुख्य कारण ब्रह्मांड का उनके सामने नष्ट होना है।
एक समय पहले उनका अस्तित्व इस ब्रह्मांड से मिट जाना ही उनके लिए एक अविश्वसनीय घटना थी जिसका उनको कभी विश्वास नहीं हुआ उन्होंने संपूर्ण ब्रह्मांड के तारामंडल को छान मारा लेकिन कहीं पर भी उनकी जाति का अंश नहीं मिला जिसके फलस्वरूप उन्होंने लंबी अवधि अपना इतिहास ढूंढने में लगा दी जिसका कोई अस्तित्व नहीं मिला और आखिर उन्होंने हजारों सालों के अथक प्रयास से मानव जाति का निर्माण किया जो पहले भी कितनी बार नष्ट हो चुकी है आपसी द्वेष की वजह से।
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जब आप अपनी सोच को बदलते हैं तो आप अपनी जिंदगी को भी बदल देते हैं।